Skip to main content

About us

Welcome to Hindi Story


hindimestories.com ke yasa blogger website hai jaha par aap daily bais par new-new kahaniya padh sakte hai jese ki  hindi kahaniya, love story, motivational story,Dhan Prapti ke Nuskhe Archives - Kahani, kahaniya, hindi kahaniya, hindi kahani, stories in hindi, kahaniyan, motivational and inspirational kahaniya,hindi story, hindi stories, mahabharat ki kahaniya, ramayan ki kahaniya, akbar birbal ki kahaniya, hitopadesh ki kahaniya, bhoot pret ki kahaniya, nana nani ki kahaniya, dada dadi ki kahaniya, dharmik kahaniya, motivational kahaniya, inspirational kahaniya, prernadayak kahaniya, mungerilala ki kahaniya, panchatantra ki kahaniya, महाभारत की कहानी, महाभारत की कहानियां, रामायण की कहानियां, अकबर बीरबल की कहानियां, भूत प्रेत की कहानियां, हितोपदेश की कहानियां, दादा दादी की कहानियां, नाना नानी की कहानियां और विक्रम बेताल की कहानियां  हैं

Popular posts from this blog

चालाक लोमड़ी और कौवा - Chalak Lomdi aur Kauwa | Hindi Moral Story for Kids

हेलो बच्चो क्या आप Hindi Moral Stories for Kids सर्च कर रहे है | तो आप बिलकुल सही जगह पर आये है | आज हम आपसब को एक नई Hindi Moral Stories बताने जा रहा हूँ | इस Hindi Moral Stories से हमे जो भी शिक्षा मिलेगी उससे हमे प्रेणा लेना चहिये और आपने जीवन में उतरना चहिए |चालाक लोमड़ी और मूर्ख कौवा रतनापुर नामक एक जंगल में एक लोमड़ी रहती थी | वो बहुत ही भूखी थी |    Hindi Stories of Chalak Lomdi aur Kauwa वे अपने भूख मिटाने के लिए भोजन की तलाश में इधर-उधर घूमने लगी | उसने सारा जंगल छान मारा, जब उसे सारे जंगल में भटकने के बाद भी कुछ न मिला | तो वे गर्मी और भूख से परेशान होकर एक पेड़ के नीचे बैठ गयी |अचानक उसकी नजर ऊपर गयी पेड़ पर एक कौवा बैठा हुआ था | उस मुँह में एक रोटी टुकड़ा का था | कौवा के  मुँह में रोटी की टुकड़ा को देखकर उसकी मुँह में पानी भर आया |   Hindi Stories of Chalak Lomdi aur Kauwa    वे कौवा से  रोटी का टुकड़ा छीनने के उपाय सोचने लगी | उसी अचानक एक उपाय सुझा और तभी उसने कौवा को कहा- कौवा भैया कौवा भैया तुम बहुत सुंदर हो |  तुम्हारे जैसा सुंदर कौवा पूरे जंगल में नहीं है

धोखेबाज़ दोस्त – Hindi Naitik Kahaniya

हेलो हमारे प्यारे बच्चों क्या आप लोग हिंदी Naitik Shiksha ki Kahaniya सर्च कर रहे है | तो चिंता की कोई बात नहीं है | आज हम आप सबको एक  Hindi Naitik Kahaniya बतएगे | अमरा पुर गांव में मधु और गोपल नाम  के दो मित्र रहते थे | मधु बहुत ही अलसी और कामचोर था, और गोपाल बहुत ही परिश्रमी था | वह अपना काम पूरी लगन से करता था | Naitik kahaniya वो दोनों एक ही गांव के जमींदार मोहन चौधरी की जमीन पर काम करते थे | गोपाल पूरा मन लागा कर काम करता था, और मधु अपने बैल को बांधकर पेड़ के नीचे गमछा बिछाकर सोता रहता था | और जैसे ही सूर्य अस्त हो जाता मधु अपने पूरे शरीर में मिट्टी लगाकर और बैल को भी मिट्टी लगाकर जमींदार के पास लें जाता था | जमींदार बाबू देखा था कि उसने बहुत काम किया है | और गोपाल खेतों का काम खत्म होने के बाद अपने बेलों को नहलाकर कर, ओर खुद भी अच्छे से स्नान कर के साफ सुथरा होकर घर वापस जाता था | ज़मीदार बाबू मधु के इस झूठ को पकड़ नहीं पाते थे |  वे सोचते थे कि मधु बहुत ही परिश्रम हैं | और गोपाल बहुत ही कमजोर है | इस लिए जिम्मेदार बाबू ने रसोइये से कहा देखो मधु बहुत

लालची शेर - The Greedy Lion Story | Panchatantra Kahaniya

क्या आप Panchatantra Kahaniya सर्च कर रहे है | तो आज हम यहाँ Panchatantra Kahaniya के एक नया H indi Story for Children पढगे। जिसका नाम है लालची शेर ( The Greedy Lion Story ) | लालची शेर कहानी पंचतंत्र की एक प्रसिद्ध कहानी है। कहानी एक लालची शेर के बारे में है जिसने एक जंगल पर शासन किया और खिलाया गया एक जंगल में एक शक्तिशाली शेर था | शेर उस जंगल का राजा था | शेर उस जगल मे हर कोई जानवर का शिकार करता था | अपने भोजन के लिए और अपना  पेट भरता था | इसी लिए जंगल में सब जानवर उससे डरते थे | और उसके रस्ते से दूर ही रहते थे | अब इसी वजह से शेर को शिकार करना मुश्किल हो गया | उसने एक चालक लोमड़ी को काम पे लगाया | लोमड़ी का काम बस बाकी जानवरों का स्थान शेर को बताना था | तो शेर उन जानवरो के पास जा कर उन्हें पकड़ लेता था | एक दिन शेर यह जाना चाहता था, कि बाकी के उस जंगल के जानवर उसके बारे में क्या सोचते है | इसीलिए वह लोमड़ी को बोला - कि वह चोरी छुपे जाकर इस बात का पता लगाएं | लोमड़ी जंगल में गा कर पता लगया और वापस आ कर शेर से बोला : मेरी राजा जैसा आपने बोला मैने वैसे ही सबकी