Skip to main content

ईमानदारी की कहानी – ईमानदारी ही सबसे बड़ा धन है | Honesty story - Hindi Story

दोस्तों आज मैं आप सब लोगों के लिए एक (Honesty story for kids) लाया हूं जो आप लोगों को बहुत ही पसंद आएगा | The stories have educational value and eliminate with a Teaching lessons for the visitor.

HINDI MORAL STORIES FOR KIDS
Hindi moral stories for kids

मुरारी लाल अपने गाँव के सबसे बड़े चोरों में से एक था। मुरारी रोजाना जेब में चाकू डालकर रात को लोगों के घर में चोरी करने जाता। पेशे से चोर था लेकिन हर इंसान चाहता है कि उसका बेटा अच्छे स्कूल में पढाई करे तो यही सोचकर बेटे का एडमिशन एक अच्छे पब्लिक स्कूल में करा दिया था।

मुरारी का बेटा पढाई में बहुत होशियार था लेकिन पैसे के अभाव में 12 वीं कक्षा के बाद नहीं पढ़ पाया। अब कई जगह नौकरी के लिए भी अप्लाई किया लेकिन कोई उसे नौकरी पर नहीं रखता था।


एक तो चोर का बेटा ऊपर से केवल 12 वीं पास तो कोई नौकरी पर नहीं रखता था। अब बेचारा बेरोजगार की तरह ही दिन रात घर पर ही पड़ा रहता। मुरारी को बेटे की चिंता हुई तो सोचा कि क्यों ना इसे भी अपना काम ही सिखाया जाये। जैसे मैंने चोरी कर करके अपना गुजारा किया वैसे ये भी कर लेगा।


यही सोचकर मुरारी एक दिन बेटे को अपने साथ लेकर गया। रात का समय था दोनों चुपके चुपके एक इमारत में पहुंचे। इमारत में कई कमरे थे सभी कमरों में रौशनी थी देखकर लग रहा था कि किसी अमीर इंसान की हवेली है।


मुरारी अपने बेटे से बोला – आज हम इस हवेली में चोरी करेंगे, मैंने यहाँ पहले भी कई बार चोरी की है और खूब माल भी मिलता है यहाँ। लेकिन बेटा लगातार हवेली के आगे लगी लाइट को ही देखे जा रहा था। मुरारी बोला – अब देर ना करो जल्दी अंदर चलो नहीं तो कोई देख लेगा। लेकिन बेटा अभी भी हवेली की रौशनी को निहार रहा था और वो करुण स्वर में बोला – पिताजी मैं चोरी नहीं कर सकता।


मुरारी – तेरा दिमाग खराब है जल्दी अंदर चल


बेटा – पिताजी, जिसके यहाँ से हमने कई बार चोरी की है देखिये आज भी उसकी हवेली में रौशनी है और हमारे घर में आज भी अंधकार है। मेहनत और ईमानदारी की कमाई से उनका घर आज भी रौशन है और हमारे घर में पहले भी अंधकार था और आज भी


मैं भी ईमानदारी और मेहनत से कमाई करूँगा और उस कमाई के दीपक से मेरे घर में भी रौशनी होगी। मुझे ये जीवन में अंधकार भर देने वाला काम नहीं करना। मुरारी की आँखों से आंसू निकल रहे थे। उसके बेटे की पढाई आज सार्थक होती दिख रही थी।


मित्रों। बेईमानी और चोरी से इंसान क्षण भर तो सुखी रह सकता है लेकिन उसके जीवन में हमेशां के लिए पाप और अंधकार भर जाता है। हमेशा अपने काम को मेहनत और ईमानदारी से करें। बेईमानी की कमाई से बने पकवान भी ईमानदारी की सुखी रोटी के आगे फीके हैं। कुछ ऐसा काम करें कि आप समाज में सर उठा के चल सकें।

Comments

Popular posts from this blog

चालाक लोमड़ी और कौवा - Chalak Lomdi aur Kauwa | Hindi Moral Story for Kids

हेलो बच्चो क्या आप Hindi Moral Stories for Kids सर्च कर रहे है | तो आप बिलकुल सही जगह पर आये है | आज हम आपसब को एक नई Hindi Moral Stories बताने जा रहा हूँ | इस Hindi Moral Stories से हमे जो भी शिक्षा मिलेगी उससे हमे प्रेणा लेना चहिये और आपने जीवन में उतरना चहिए |चालाक लोमड़ी और मूर्ख कौवा रतनापुर नामक एक जंगल में एक लोमड़ी रहती थी | वो बहुत ही भूखी थी |    Hindi Stories of Chalak Lomdi aur Kauwa वे अपने भूख मिटाने के लिए भोजन की तलाश में इधर-उधर घूमने लगी | उसने सारा जंगल छान मारा, जब उसे सारे जंगल में भटकने के बाद भी कुछ न मिला | तो वे गर्मी और भूख से परेशान होकर एक पेड़ के नीचे बैठ गयी |अचानक उसकी नजर ऊपर गयी पेड़ पर एक कौवा बैठा हुआ था | उस मुँह में एक रोटी टुकड़ा का था | कौवा के  मुँह में रोटी की टुकड़ा को देखकर उसकी मुँह में पानी भर आया |   Hindi Stories of Chalak Lomdi aur Kauwa    वे कौवा से  रोटी का टुकड़ा छीनने के उपाय सोचने लगी | उसी अचानक एक उपाय सुझा और तभी उसने कौवा को कहा- कौवा भैया कौवा भैया तुम बहुत सुंदर हो |  तुम्हारे जैसा सुंदर कौवा पूरे जंगल में नहीं है

धोखेबाज़ दोस्त – Hindi Naitik Kahaniya

हेलो हमारे प्यारे बच्चों क्या आप लोग हिंदी Naitik Shiksha ki Kahaniya सर्च कर रहे है | तो चिंता की कोई बात नहीं है | आज हम आप सबको एक  Hindi Naitik Kahaniya बतएगे | अमरा पुर गांव में मधु और गोपल नाम  के दो मित्र रहते थे | मधु बहुत ही अलसी और कामचोर था, और गोपाल बहुत ही परिश्रमी था | वह अपना काम पूरी लगन से करता था | Naitik kahaniya वो दोनों एक ही गांव के जमींदार मोहन चौधरी की जमीन पर काम करते थे | गोपाल पूरा मन लागा कर काम करता था, और मधु अपने बैल को बांधकर पेड़ के नीचे गमछा बिछाकर सोता रहता था | और जैसे ही सूर्य अस्त हो जाता मधु अपने पूरे शरीर में मिट्टी लगाकर और बैल को भी मिट्टी लगाकर जमींदार के पास लें जाता था | जमींदार बाबू देखा था कि उसने बहुत काम किया है | और गोपाल खेतों का काम खत्म होने के बाद अपने बेलों को नहलाकर कर, ओर खुद भी अच्छे से स्नान कर के साफ सुथरा होकर घर वापस जाता था | ज़मीदार बाबू मधु के इस झूठ को पकड़ नहीं पाते थे |  वे सोचते थे कि मधु बहुत ही परिश्रम हैं | और गोपाल बहुत ही कमजोर है | इस लिए जिम्मेदार बाबू ने रसोइये से कहा देखो मधु बहुत

लालची शेर - The Greedy Lion Story | Panchatantra Kahaniya

क्या आप Panchatantra Kahaniya सर्च कर रहे है | तो आज हम यहाँ Panchatantra Kahaniya के एक नया H indi Story for Children पढगे। जिसका नाम है लालची शेर ( The Greedy Lion Story ) | लालची शेर कहानी पंचतंत्र की एक प्रसिद्ध कहानी है। कहानी एक लालची शेर के बारे में है जिसने एक जंगल पर शासन किया और खिलाया गया एक जंगल में एक शक्तिशाली शेर था | शेर उस जंगल का राजा था | शेर उस जगल मे हर कोई जानवर का शिकार करता था | अपने भोजन के लिए और अपना  पेट भरता था | इसी लिए जंगल में सब जानवर उससे डरते थे | और उसके रस्ते से दूर ही रहते थे | अब इसी वजह से शेर को शिकार करना मुश्किल हो गया | उसने एक चालक लोमड़ी को काम पे लगाया | लोमड़ी का काम बस बाकी जानवरों का स्थान शेर को बताना था | तो शेर उन जानवरो के पास जा कर उन्हें पकड़ लेता था | एक दिन शेर यह जाना चाहता था, कि बाकी के उस जंगल के जानवर उसके बारे में क्या सोचते है | इसीलिए वह लोमड़ी को बोला - कि वह चोरी छुपे जाकर इस बात का पता लगाएं | लोमड़ी जंगल में गा कर पता लगया और वापस आ कर शेर से बोला : मेरी राजा जैसा आपने बोला मैने वैसे ही सबकी