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Thursday, January 16, 2020

चालाक लोमड़ी और कौवा - Chalak Lomdi aur Kauwa | Hindi Moral Story for Kids

हेलो बच्चो क्या आप Hindi Moral Stories for Kids सर्च कर रहे है | तो आप बिलकुल सही जगह पर आये है | आज हम आपसब को एक नई Hindi Moral Stories बताने जा रहा हूँ | इस Hindi Moral Stories से हमे जो भी शिक्षा मिलेगी उससे हमे प्रेणा लेना चहिये और आपने जीवन में उतरना चहिए |चालाक लोमड़ी और मूर्ख कौवा रतनापुर नामक एक जंगल में एक लोमड़ी रहती थी | वो बहुत ही भूखी थी | 
 
Hindi Moral Story for Kids
Hindi Stories of Chalak Lomdi aur Kauwa
वे अपने भूख मिटाने के लिए भोजन की तलाश में इधर-उधर घूमने लगी | उसने सारा जंगल छान मारा, जब उसे सारे जंगल में भटकने के बाद भी कुछ न मिला | तो वे गर्मी और भूख से परेशान होकर एक पेड़ के नीचे बैठ गयी |अचानक उसकी नजर ऊपर गयी पेड़ पर एक कौवा बैठा हुआ था | उस मुँह में एक रोटी टुकड़ा का था | कौवा के  मुँह में रोटी की टुकड़ा को देखकर उसकी मुँह में पानी भर आया |
 
Hindi Moral Story for Kids
Hindi Stories of Chalak Lomdi aur Kauwa
 
 वे कौवा से  रोटी का टुकड़ा छीनने के उपाय सोचने लगी | उसी अचानक एक उपाय सुझा और तभी उसने कौवा को कहा- कौवा भैया कौवा भैया तुम बहुत सुंदर हो |  तुम्हारे जैसा सुंदर कौवा पूरे जंगल में नहीं है | मैने तुम्हारी बहुत प्रशंसा सुनी है | मैंने सुना है तुम गीत बहुत अच्छा गाती हो | तुम्हारी सुरीली मधुर आवाज़ के सभी दीवाने हैं | मैं भी तुम्हारा गीत सुनना चाहती हूँ | क्या मुझे आप अपना सुरीला गीत नहीं सुना होगी | तब अपनी प्रशंसा को सुनकर कौवा बहुत खुश हुआ | वह लोमड़ी की मीठी- मीठी बातों में आ गया | और बिना कुछ सोचे समझे उसने गान गाने के लिए मुँह खोल दिया | उसने जैसे ही अपना मुँह खोला रोटी का टुकड़ा नीचे गिर गया |
 
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Hindi Stories of Chalak Lomdi aur Kauwa
 
भूखी लोमड़ी  ने झट से वे रोटी का टुकड़ा उठाया और वहाँ से भाग गयी | यह देख कर  कौवा आपने  मूर्खता पर पछताने लगा | लेकिन अब पछताने से क्या होना था |चतुर लोमड़ी ने मूर्ख कोवा की मूर्खता का लाभ उठाया और अपना फायदा किया |
Hindi Moral Stories
Hindi Stories of Chalak Lomdi aur Kauwa
तो बच्चो इस कहानी से हमें क्या सीख मीलती है की हमें अपनी झूठी प्रशंसा से हमेशा बचना चाहिए | कई बार हमें कई लोग ऐसे मिलते हैं | जो अपना काम निकालने के लिए हमारी झूठी तारीफ करते हैं | और अपना काम निकल जाने के बाद पूछते भी नहीं है | तो बच्चो कैसी लगी आपको हमारी ये कहानी ऐसे ही और कहानी सुनने के लिए आप हमें सबसाइट करें|  और आपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे |
 
 

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