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चालाक और शातिर शेर - Chalak aur Shaatir Lion | PANCHATANTRA KAHANIYA

आज हम सब एक नयी Panchatantra Kahaniya पढगे | इस Hindi Story में हम जो भी पढगे उससे कुछ सीखेगे और अपने रोज की जीवन में लगू करेंगे | इस Hindi Story for kids का नाम है चालाक और शातिर शेर- (Chalak aur shaatir Lion)एक बार एक घने जंगल में कई जंगली जानवर रहते थे | जैसे की हाथी, गोरिल्ला, बंदर चिंपाजी हिरन और खरगोश  | जंगल का राजा था एक चालक और शातिर शेर | वह सब जानवरों पर अपना रौब जमाता था | और हर कोई उससे डरता था | एक दिन शेर ने सारे जानवरों को एक बैठक के लिए बुलाया | 
panchatantra kahaniya
Panchatantra kahaniya
सब जानवर सोच रहे थे कि शेर को बोलना क्या था | जल्द सब हुवे इकट्ठा और  शेर उधर आ पहुंचा |

शेर ने कहा: कल से मैं चाहता हूँ कि तुम सब  एक नए नियम का पालन करो | इसके आगे शेर ने कुछ नहीं  बोला |  

तो उत्सकता  से डरते हुए गोरेलाल ने पूछा जहाँपना अगर आप की इजाज़त हो तो क्या आप हमें इस नए नियम के बारे में बता सकते हैं | 

शेर बोला: वो मुर्ख जानवर मैं अभी मैं इस निर्णय पर विचार ही कर रहा हूँ | सब जानवर अब और भी डर गए और चुपचाप इंतजार कर रहे थे,

आखिरकार शेन ने कहा: अब से हर रोज़ तुम लोगों को मेरे भोजन के लिए एक जानवर भेजना पड़ेगा | अगर इस नियम का पालन नहीं करोगे तो बहुत बुरा होगा |

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ये सुन सब जानवर हैरान परेशान हो गए | और उनके पास कोई रास्ता भी तो नहीं था | जंगल के राजा की बात उनको माननी ही पड़ी | 

शेर ने कहा: अब मैं एक सेवक को नियुक्त करूँगा | जो रोज़ मेरे गुफा तक जानवरो को  ले आएगा | मेरा सेवक हिरन होगा |

हिरन हैरान रह गया और बाकी के जानवर भी | शेर को वापस जवाब देने से हिरन बहुत डरता था | तो धीमी आवाज़ में उसने कहा ठीक है महाराज आप जैसा कहेंगे मैं वैसे ही करूँगा | 

हिरन बोला: महाराज मै अब सुबह एक जानवर को लेकर आप के पास आ जाऊंगा | फिर शेर वह से चला गया| 

अगले ही दिन से हर रोज हिरण एक जानवर को लेकर शेर के पास जाने लगा | सरे जानवर इस नियम से बहोत परेशान हो गए थे | क्योकि उनको पता था की कभी न खभी उन्ही भी बरी तो आएगी |

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एक रात बहुत तेज बारिश शुरू हो गयी सारे जानवर अपने अपने घर भाग गए पर शेर को बारिश के मज़े लेने थे |

इसीलिए वह जंगल में घूमता रहा | बारिश में भींगने में वह इतना मग्न हो गया था|  कि उसको पता भी नहीं चला कि वह पूरी रात बारिश में ही भीग रहा था | 

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सुबह सवेरे बारिश के रुकने के बाद थका हुआ शेर अपने घर वापस जाकर सो गया | जब वह जगा तो हिरण उसकी सेवा में उपस्थित था |

हिरन बोला: शेर राजा आज में किसको लें आऊ | 

और जब शेर बोलने के लिए जब शेर ने अपना मुँह खोला तो उसने ज़ोर से छीका | बारिश में भीगने के कारण शेर को जुखाम हो गया था |  

शेर ने फिर भी उससे बात करने की कोशीश की पर उसको सिर्फ छींक ही  निकल रही थी |
शेर बात नहीं कर पाया तो इशारों में हिरन को वहाँ से जाने को बोल दिया | इसी तरह कई दिन बीत गए | इसके कारण शेर को खाने के लिए कुछ नहीं मिल रहा था | 

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Kahaniya in hindi
शेर अपने गुफा में ही बीमार होकर बैठा रहा जल्द ही शेर कमजोर पड़ने लगा | 

शेर के इस हालत को देखकर बाकी के जानवरों ने उसकी मदद करने का निर्णय लिया | वे जंगल  में कुछ जड़ी बूटी ढूंढ कर और उस का एक मिश्रण बनाया | 

अब ये निर्णय लेना था कि भूखे शेर को ये दवाएं देने कौन जाएगा |

 हिरन कहा: मैं नहीं जाऊंगा शेर मुझे देखकर थक गया है |

खरगोश कहा:  मैं नहीं जाऊंगा वह खतरनाक है, और इतने दिनों से भूखा भी  है  

अंत में गोरिल्ला बोला:  ठीक है में देने जाऊंगा |  

शेर राजा हम सब को पता है कि आप बहुत बीमार हो तो हमने आपके लिए दवाई बनाई है | कृप्या इसको ले ले फिर आप ठीक हो जाएंगे |

शेर बोला: ठीक है उधर रख दो मैं देख लूँगा |

गोरिला दवाई रख कर चला गया |  दिन पे दिन शेर की हालत और भी बिगड़ने लगी, और अंत में उसने दवाई लेने का निर्णय ले लिया | 

अगले दिन जब शेर जगा तो वह बिल्कुल ठीक हो गया |  शेर बहुत खुश था | 

उसने फिर अपने बर्ताव के बारे में सोचा उसने अपनी आलस की वजह से बाकी के जानवरों को संकट में डाला फिर भी सबने उसकी मदद की | 

पर शेर अभी भी दुष्ट ही था और इन सब ख्यालों को  दिमाग से निकाल दिया | उसको अब भूख लगी थी | 

शेर गुफा से  बाहर आया तो दूर हिरन को घास चरती हुईं दिखा | अब शेर शिकार करने के लिए दूर नहीं जा सकता था | 

तो उसने हिरन को ही फंसाने का निर्णय लिया | शेर हिरन के पास गया और उसी की तरह घास खाने लगा |  

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ये देखकर हिरन हैरान रह गया | और जिज्ञासु से हिरण खुद शेर की और गया और पूछा राजा आप घास क्यों खा रहे हो ? आप ठीक तो हो ? 

शेर ने कहा: हा अब वो दवाई खाने के बाद मुझे लगता है कि मांस से जयादा अच्छा घास ही होता है |  

शेर ने हिरन से कहा मुझे एक जगह पता है जहा बहुत सारे हरे-हरे घास हैं | 

शेर ने कहा: क्या तुम मेरे साथ आना चाहोगे ?

हिरन ये सुन कर बहोत खुश और उत्साहित हो गया, कि जंगल का राजा उससे दोस्ती करना चाह रहा है | और वह आखिरकार बदल ही गया | 

हिरन खुशी से शेर के साथ चला गया | शेर हिरन को एक सुनसान जगह पर ले गया | और अचानक से उसपर हमला कर दिया |  

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शेर ने अपने ही सेवक को खा लिया और बाकी जानवरों ने भी सबक सीख लिया कि वे कभी भी शेर पर भरोसा नहीं करना चहिये आखिर शेर तो शेर ही होता है | हिरन को अपनी मासूमियत की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी | इस Hindi kahani for kids से हम ये सीखते ही की अपने दुश्मनों पर कभी भी विश्वास नहीं करना चाहिए | नहीं तो उसका अंजाम बहुत ही खतरनाक होगा |

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