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Showing posts from January, 2020

चालाक और शातिर शेर - Chalak aur Shaatir Lion | PANCHATANTRA KAHANIYA

आज हम सब एक नयी Panchatantra Kahaniya पढगे | इस Hindi Story में हम जो भी पढगे उससे कुछ सीखेगे और अपने रोज की जीवन में लगू करेंगे | इस  Hindi Story for kids  का नाम है चालाक और शातिर शेर- (Chalak aur shaatir Lion)एक बार एक घने जंगल में कई जंगली जानवर रहते थे | जैसे की हाथी, गोरिल्ला, बंदर चिंपाजी हिरन और खरगोश  | जंगल का राजा था एक चालक और शातिर शेर | वह सब जानवरों पर अपना रौब जमाता था | और हर कोई उससे डरता था | एक दिन शेर ने सारे जानवरों को एक बैठक के लिए बुलाया |  Panchatantra kahaniya सब जानवर सोच रहे थे कि शेर को बोलना क्या था | जल्द सब हुवे इकट्ठा और  शेर उधर आ पहुंचा | शेर ने कहा: कल से मैं चाहता हूँ कि तुम सब  एक नए नियम का पालन करो | इसके आगे शेर ने कुछ नहीं  बोला |   तो उत्सकता  से डरते हुए गोरेलाल ने पूछा जहाँपना अगर आप की इजाज़त हो तो क्या आप हमें इस नए नियम के बारे में बता सकते हैं |  शेर बोला: वो मुर्ख जानवर मैं अभी मैं इस निर्णय पर विचार ही कर रहा हूँ | सब जानवर अब और भी डर गए और चुपचाप इंतजार कर रहे थे, आखिरकार शेन ने कहा: अब से हर रोज़ तुम लो

लालची शेर - The Greedy Lion Story | Panchatantra Kahaniya

क्या आप Panchatantra Kahaniya सर्च कर रहे है | तो आज हम यहाँ Panchatantra Kahaniya के एक नया H indi Story for Children पढगे। जिसका नाम है लालची शेर ( The Greedy Lion Story ) | लालची शेर कहानी पंचतंत्र की एक प्रसिद्ध कहानी है। कहानी एक लालची शेर के बारे में है जिसने एक जंगल पर शासन किया और खिलाया गया एक जंगल में एक शक्तिशाली शेर था | शेर उस जंगल का राजा था | शेर उस जगल मे हर कोई जानवर का शिकार करता था | अपने भोजन के लिए और अपना  पेट भरता था | इसी लिए जंगल में सब जानवर उससे डरते थे | और उसके रस्ते से दूर ही रहते थे | अब इसी वजह से शेर को शिकार करना मुश्किल हो गया | उसने एक चालक लोमड़ी को काम पे लगाया | लोमड़ी का काम बस बाकी जानवरों का स्थान शेर को बताना था | तो शेर उन जानवरो के पास जा कर उन्हें पकड़ लेता था | एक दिन शेर यह जाना चाहता था, कि बाकी के उस जंगल के जानवर उसके बारे में क्या सोचते है | इसीलिए वह लोमड़ी को बोला - कि वह चोरी छुपे जाकर इस बात का पता लगाएं | लोमड़ी जंगल में गा कर पता लगया और वापस आ कर शेर से बोला : मेरी राजा जैसा आपने बोला मैने वैसे ही सबकी

चालाक लोमड़ी और कौवा - Chalak Lomdi aur Kauwa | Hindi Moral Story for Kids

हेलो बच्चो क्या आप Hindi Moral Stories for Kids सर्च कर रहे है | तो आप बिलकुल सही जगह पर आये है | आज हम आपसब को एक नई Hindi Moral Stories बताने जा रहा हूँ | इस Hindi Moral Stories से हमे जो भी शिक्षा मिलेगी उससे हमे प्रेणा लेना चहिये और आपने जीवन में उतरना चहिए |चालाक लोमड़ी और मूर्ख कौवा रतनापुर नामक एक जंगल में एक लोमड़ी रहती थी | वो बहुत ही भूखी थी |    Hindi Stories of Chalak Lomdi aur Kauwa वे अपने भूख मिटाने के लिए भोजन की तलाश में इधर-उधर घूमने लगी | उसने सारा जंगल छान मारा, जब उसे सारे जंगल में भटकने के बाद भी कुछ न मिला | तो वे गर्मी और भूख से परेशान होकर एक पेड़ के नीचे बैठ गयी |अचानक उसकी नजर ऊपर गयी पेड़ पर एक कौवा बैठा हुआ था | उस मुँह में एक रोटी टुकड़ा का था | कौवा के  मुँह में रोटी की टुकड़ा को देखकर उसकी मुँह में पानी भर आया |   Hindi Stories of Chalak Lomdi aur Kauwa    वे कौवा से  रोटी का टुकड़ा छीनने के उपाय सोचने लगी | उसी अचानक एक उपाय सुझा और तभी उसने कौवा को कहा- कौवा भैया कौवा भैया तुम बहुत सुंदर हो |  तुम्हारे जैसा सुंदर कौवा पूरे जंगल में नहीं है

धोखेबाज़ दोस्त – Hindi Naitik Kahaniya

हेलो हमारे प्यारे बच्चों क्या आप लोग हिंदी Naitik Shiksha ki Kahaniya सर्च कर रहे है | तो चिंता की कोई बात नहीं है | आज हम आप सबको एक  Hindi Naitik Kahaniya बतएगे | अमरा पुर गांव में मधु और गोपल नाम  के दो मित्र रहते थे | मधु बहुत ही अलसी और कामचोर था, और गोपाल बहुत ही परिश्रमी था | वह अपना काम पूरी लगन से करता था | Naitik kahaniya वो दोनों एक ही गांव के जमींदार मोहन चौधरी की जमीन पर काम करते थे | गोपाल पूरा मन लागा कर काम करता था, और मधु अपने बैल को बांधकर पेड़ के नीचे गमछा बिछाकर सोता रहता था | और जैसे ही सूर्य अस्त हो जाता मधु अपने पूरे शरीर में मिट्टी लगाकर और बैल को भी मिट्टी लगाकर जमींदार के पास लें जाता था | जमींदार बाबू देखा था कि उसने बहुत काम किया है | और गोपाल खेतों का काम खत्म होने के बाद अपने बेलों को नहलाकर कर, ओर खुद भी अच्छे से स्नान कर के साफ सुथरा होकर घर वापस जाता था | ज़मीदार बाबू मधु के इस झूठ को पकड़ नहीं पाते थे |  वे सोचते थे कि मधु बहुत ही परिश्रम हैं | और गोपाल बहुत ही कमजोर है | इस लिए जिम्मेदार बाबू ने रसोइये से कहा देखो मधु बहुत

भुक्खड़ चूहा | Panchatantra Ki Kahaani

हेलो बच्चों क्या आप Panchatantra Ki Kahaaniyan सर्च हर रहे हो तो कोई नहीं, आप सही जगह पर आये है | आज मे एक Panchtantra Ki Nayi Kahani    सुनने गए रहा हूँ | इस Panchatantra Ki Kahani का नाम है| भुक्कड़ चूहा |  किसी गांव में के चूहा का एक परिवार रहता था | उन चूहों में एक चूहा ऐसा भी था | जिसे खाने का बहुत शौक था | और वह पूरा समय बस खाता और सोता रहता था  वह  बहुत ज्यादा खाता था | लेकिन फिर भी उससे संतुष्ट नहीं होती था |  Panchatantra Ki Kahaaniyan उस भुक्कड़ चूहा का नाम कुकू था | उसकी इस आदत उसके परिवार वाले भी परेशान रहते थे | चूहे की माँ बोली बेटा इतना मत खाया करो सेहत बिगड़ जाएँगी,तो कुकू चूहा बोला - नहीं मम्मी ऐसा कुछ नहीं होगा | अगली सुबह कुकू के दोस्त का जन्मदिन था | जिसका नाम चिंटू था | उसका दोस्त उसे जन्मदिन पर न्यौता देने आया |  बोला दोस्त-दोस्त मेरा जन्मदिन है | और मेरे घर में पार्टी तो तुम भी जरूर आना |  कुकू बोला: दोस्त मैं जरूर आऊंगा | इसके बाद चिंटू वहाँ से चला गया | अब अगले दिन कुकू पार्टी में गया |  वहाँ पर भी वह अपनी भूख पर काबू नहीं कर पाया | और मेहमानों

चालाक बकरी की कहानी | Hindi Kahani for Kids

क्या आप Hindi moral stories for kids सर्च कर रहे है | तो आप आहि ठहरिये आज मैं आप सब को एक  Hindi moral kahani सुनता हूँ | नामपुर गांव में के किसान के घर में नीलू नाम के के बकरी रहती थी | उसके तीन बच्चे थे| वह अपने बच्चो को लेकर हमेशा टेंशन में रहती है क्योंकि गांव के किनारे ही एक घना जंगल था | बकरी को डर रहता था, की पता नहीं कब बच्चे खेलते हुवे जंगल की तरफ निकल जाये,और जंगली जानवर का शिकार हो जाए इस बात से चिंतित बकरी हमेशा अपने बच्चों को गाइड करती रहती थी| कि कभी भी उस जंगल की तरफ मत जाना | पर एक दिन बकरी का बच्चा किसान के बच्चा को चारा लाने वाले से बात करते हुए सुनता है| कि जंगल में तो ऐसा हरा हरा चारा चारों तरफ भरा  पड़ा रहता है | यह सुनकर बकरी के बच्चे को चारों तरफ हरा चारा देखने की इच्छा होती है| और वो चुपचाप जंगल की तरफ चला जाता है | जब माँ बकरी को इस बात का पता चलता है| तो यो टेंशन में आ जाती है, और तुरंत अपने बच्चे को ढूढ़ने निकाली है| वहाँ बकरी का बच्चा खेलते हुए अभी जंगल में कुछ ही दूर पहुंचता है कि तभी तीन चार हेना आकर उसे घेर लेते हैं | ये देखते ही बकरी का ब